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वर्षों से मौत को आमंत्रण देती पुलिया की फाईल दबा हुआ अपराध मामला न्यू बरौन्धा की पुलिया रेलिंग का डा प्रणय तिवारी : अपराध शास्त्री

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यह घटना लापरवाही का इतना घ्रणित उदाहरण है,जिसके कारण लोगों का नगर पालिका से सुरक्षा की उम्मीद तो कभी की ही नहीं ज़ा सकती।
और इस शिकायत को शासन प्रशासन ,जनता ,शिकायतकर्ता सभी को गुमराह कर, एक आपराधिक प्रकरण बना दिया गया है , और इन्होने अच्छा किया जो यह कर डाला , क्युकि कोर्ट मे शिकायतकर्ता स्वयं अपना केस लड़ेगा और दोषियों को जब सजा होगी तब ,पदेन कर्तव्यो का दुरुपयोग करने पर क्या होता है,इसकी सीख अन्य भी ले सकेगे और तब शायद जनता भी अपने अधिकारो को भलीभांति समझ सकेगी।
यह कोई समाचार नहीं बनाया ज़ा रहा,जो शिकायत क्रमांक लिखा जाय ।
न्यू बरौन्धा की पुलिया मे रेलिंग नही है वर्षो वर्ष बीत गए,परन्तु इस पुलिया का प्राक्कलन ही बनता रहा ,प्रस्ताव को बजरंग बली की पूछ बना लिये जो अनन्त है , शिकायत कर्ताओ पर दबाव बनाना, ना मानने पर योजनाओ से वंचित करना ,या किसी षडयंत्र मे फंसा देना नगरपालिका ब्योहारी की आदत मे शामिल है ,भाई वाह क्या दिमाग पाया,जो इस बार किंग कोबरा के मुह मे ही हाथ डालकर, अपनी नौकरी खतरे मे डाल ली,नगर पालिका अधिनियम के विरुद्ध जाकर नगर पालिका मे भला कोई कैसे नौकरी कर सकता है ?
181 को इस प्रकार के अधिकारियो ने इस प्रकार की कालिख लगा डाली कि अब जनता कहती है ,यह फालतू है, अर्थात् आपके द्वारा मध्यप्रदेश शासन की छवि को धूमिल करने का अनवरत प्रयास किया गया ,जो अपराध है।
शिकायतकर्ता पर कई बार दबाव बनाया गया महीनो बीत गये, ई मो शकील ने फुसलाने का बहुत प्रयास किया, कभी बीरेन्द्र चौबे जी को भेजा गया ,कभी 5 या 6 लोग आये ,पर डराने मे असफल रहे और फसाने मे भी असफल रहे,
गम्भीरता पूर्वक देखा जाय तो एक बात सामने आती है ,जो सालो साल शिकायत रह गयी ,उसे अन्त मे माग की संज्ञा देकर स्वयं ही बंद कर दिया गया,सोचे होगे हम लोग पोस्ट मे है तो दिमाग हमारा अभिगणक हो गया है।
पर इन बुद्धि के शत्रुओ को कौन समझाए कि जो शिकयत दर्ज करने बैठे है ,उन्हे मालुम होता है कि यदि शिकायत है तो क्रमांक होगा, तो क्या शिकायत दर्ज करने वालो को अनपढ समझ रखा है,,,,,अरे यही करना था तो पहले ही कर लेते, पर नहीं इस शिकायत का पहले लाभ उठाया गया,
पैसा पास किया गया ,और अब पैसा खाना रहा तो ,अब शिकायत को माग बना दो।
इसी प्रकार से हैण्ड पम्प,के, प्लाटो के क्रय विक्रय के अभी कई चरण बाकी है, ये तो शुरुआत थी कि ये कोई गलती करे और इन लोगो ने वह गलती करके अपराध कर ही दिया।

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