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अधिकारी द्वारा जनसुनवाई पोर्टल की उड़ाई जा रही धज्जियां ..

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महराजगंज :- महराजगंज जनपद के परतावल विकास खण्ड का मामला जहाँ परतावल विकास खंड अधिकारी द्वारा जनसुनवाई पोर्टल की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायत का फर्जी निस्तारण किया जा रहा है इसे लेकर शिकायतकर्ता परेशान और अफसर शासन को शत-प्रतिशत निस्तारण की रिपोर्ट भेजकर मौज काट रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम जनता की शिकायतों को आसानी से निस्तारण करने के लिए जनसुनवाई पोर्टल को लांच किया शासन का मकसद लोगों को घर बैठे इंसाफ दिलवाने का था पर महराजगंज जनपद के अंतर्गत परतावल विकासखंड के अधिकारी द्वारा मनमानी के वजह से सरकार की इस मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है बताया जा रहा है कि पोर्टल पर दर्ज होने वाले अधिकतर मामले की जांच तक नहीं की जा रही है अकसर दफ्तर में बैठे-बैठे निस्तारण की रिपोर्ट लगा देते हैं।

शिकायत कर्ताओं के आरोप की जांच के बिना ही उन्हें झूठा साबित कर दिया जाता है इसे लेकर शिकायत दर्ज करने वाले परेशान हैं वह पोर्टल पर मनमानी की शिकायत भी करते हैं पर कार्यवाही के नाम पर कुछ नहीं होता यही वजह है कि आम लोगों का विश्वास अप जनसुनवाई पोर्टल से उठ रहा है मामला ग्राम सभा लखिमा का है जहां पर एक व्यक्ति द्वारा जनसुनवाई पोर्टल रोजगार सेविका के खिलाफ शिकायत दर्ज किया गया था। आरोप यह है कि रोजगार सेवक का पिछले 8 वर्ष पूर्व विवाह के उपरांत अपने ससुराल चली गई पिछले 8 वर्षों से उनका कार्यभार उनके भाई द्वारा देखा जा रहा है।इस संबंध में जब शिकायतकर्ता द्वारा पोर्टल पर शिकायत गयी तो 2 सदस्यों की कागज में टीम बनाकर जांच भी की गई और यह भी दर्शाया कि शिकायतकर्ता मौके पर मौजूद था और जांच के समय ग्राम सचिव तथा ग्राम प्रधान थे। जाँच करने के पश्चात सभी के बयान भी प्राप्त किए गए शिकायत को असत्य व निराधार पाया रोजगार सेवीका काम करती हैं भाई उनका अपेक्षित सहयोग देता है यह दिखाकर निस्तारित कर दिया गया । जबकि अगर रोजगार सेविका प्रतिदिन विकासखंड के प्रांगण में मौजूद हैं तो वह अपने घर से मायके कब आती हैं और कब जाती हैं तथा परतावल विकासखंड से उनके ससुराल की दूरी क्या है इस संबंध में कोई निस्तारण नहीं दिया गया बताते चलें कि शिकायतकर्ता के मौजूदगी में जांच किया गया और उनका बयान लिया गया परंतु शिकायतकर्ता को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं था। शिकायतकर्ता के द्वारा दिनांक 23/08/2019 को जब अपने द्वारा दर्ज फीडबैक को देखा गया तो 13/08/2019 में निस्तारित दिखाया गया निस्तारण स्थिति देखने के उपरांत शिकायतकर्ता द्वारा पुनः इस संबंध में जांच करने व जांच से असंतुष्ट होने की शिकायत दर्ज की गई इस संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा लगातार तीन बार शिकायत दर्ज किया गया था लेकिन निस्तारण केवल कागजी तौर पर कर दिया गया जनसुनवाई पोर्टल पर होने वाली शिकायत का ऑफिस में बैठे-बैठे अधिकारियों द्वारा निस्तारण कर दिया जा रहा है।

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